PANCHANGULI SADHANA

शिवानंद दास जी के मार्गदर्शन मे


दो दिवसीय

पंचांगुली साधना शिविर

Sat+Sun (8th-9th Sept. 2018) at Vajreshwari. Near Mumbai

१२५००० मंत्र जप पुर्णाहुती


इन लोगो के लिये सबसे ज्यादा लाभदायक है जो इस क्षेत्र मे कार्य कर रहे है. जैसे कि

ज्योतिष, अंकशास्त्र, हस्तरेखा शास्त्र, रमल शास्त्र, टेरोकार्ड, फेंग्शुई, वास्तु, रेकी हीलिंग, प्रानिक हीलिंग, टेलीपैथी, डिस्टेंस हीलिंग, फोटो थेरिपी, तंत्र-मंत्र साधक, व हर तरह के अध्यात्मिक उपचार करने वालो के लिये पंचांगुली साधना अनिवार्य मानी जाती है.


PANCHANGULI SADHANA BOOKING


Fees 7500/- Including- Sadhana samagri (Panchanguli Yantra, Panchanguli mala, Panchanguli gutika, Panchanguli asan, Panchanguli shrangar, Siddha Chirmi beads, Gomati chakra, Tantrokta nariyal, White kaudi, Siddha Rakshasutra, Siddha Rudraksha and more.) + Panchanguli Diksha by Guruji+ Living with Breakfast, Lunch, Dinner.

Call for booking- 91 8652439844

Mon.-Sun. 11:00 – 21:00
mantravidya@yahoo.com
91 8652439844

Panchakshari sadhana

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भगवान शिव को प्रसन्न करने की चाह तथा उनकी कृपा पाने के लिए भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र बहुत महत्व रखता है...
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शिव पंचाक्षरी साधना

भगवान शिव को प्रसन्न करने की चाह तथा उनकी कृपा पाने के लिए भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र बहुत महत्व रखता है। इसलिये शिव भगवान का व्रत तथा पूजन अवश्य करना चाहिए। शिव साधना करने वाले व्यक्ति सांसारिक भोगों को भोगने के पश्चात अंत में शिवलोक में जाते है। सोमवार तथा चतुर्दशी तिथि को इस पंचाक्षरी मंत्र का जाप अवश्य ही किया जाना चाहिए ऎसा करने से मनुष्य सभी तीर्थों के स्नान का फल प्राप्त करता है। जो मानव शिव की भक्ति से अछूते रहते हैं वह हमेशा जन्म-मरण के चक्र में घूमते रहते हैं।

भगवान शिव का पूजन कर भक्तगण उनका आशीर्वाद प्राप्त कर अपनी समस्त मनोकामनाओं को पूर्ण करने का वर माँगते हैं। शिवलिंग पर बेल वृक्ष के पत्ते चढा़ने चाहिए। धतूरे के पुष्पों से शिवलिंग पर पूजन करना चाहिए। भगवान शिव को बिल्वपत्र तथा धतूरे के फूल बहुत प्रिय हैं। इसलिए शिव पूजन में इनका प्रयोग करना चाहिए। इस दिन "ऊँ नम: शिवाय" का जाप 108 बार करना चाहिए। महामृत्युंजय मंत्र का जाप शिव भगवान को प्रसन्न करने का तथा सभी प्रकार की बाधाओं को दूर करने का महामंत्र है।

भगवान शिव पर जिस पर कृपा करते हैं उनका उद्धार हो जाता है। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कई स्तुतियों की रचना प्राप्त होती है इन सभी के मध्य में शिव पंचाक्षर स्त्रोत एक महत्वपूर्ण मंत्र साधना है। इसका प्रतिदिन जाप करने से भगवान शंकर शीघ्र ही प्रसन्न हो जाते हैं तथा आशिर्वाद एवं सानिध्य प्राप्त होता है।

शिव पंचाक्षरी साधना विधि

किसी भी सोमवार या चतुर्दशी तिथी से ४१ दिन तक यह साधना की जाती है।

मुहुर्थः सुबह ५ से ८ बजे के बीच

दिनः सोमवार, चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी, शिवरात्री

आसनः चटाई, कुश,

रंगः पीला/भगवा/सफेद/लाल

दिशाः पूर्व

शिव पंचाक्षरी साधना सामग्री

सिद्ध ॐ यन्त्र

सिद्ध पंचाक्षरी यन्त्र

सिद्ध पंचाक्षरी माला

सिद्ध पंचाक्षरी गुटिका

सिद्ध आसन

सिद्ध रक्षासूत्र

५ सिद्ध रुद्राक्ष

पंचाक्षरी साधना विधि

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Diksha muhurthMonday, Guru Pushya, Ravi Pushya
Who can perform/get sadhana/Puja/DikshaMale above 18 years, Female above 18 years
Wear clothingRed, Orrange, Yellow, White
Puja-Sadhna DirectionNorth
Tithi MuhurthKrishna Paksha Tryodashi, Krishna Paksha Chaturdashi
Mantra Chanting21 mala
Puja/Sadhna41 Days
Puja time muhurthAfter 4am
Puja/Sadhana MuhurthMonday, Guru Pushya Nakshatra, Ravi Pushya Nakshatra, Krishna Paksha Trayodashi
Yantra made onBhojpatra
Yantra Size inch2x2
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