Varjya saptami vrat katha

शुक्ल पक्ष के पुरुषवाची नक्षत्र मे आदित्यवार मे आने वाली सप्तमी को वर्ज्य सप्तमी कहते है। इस व्रत मे सुर्य भगवान का पुजन...
SKUVASVK1
Varjya saptami vrat katha

Overview

वर्ज्य सप्तमी

शुक्ल पक्ष के पुरुषवाची नक्षत्र मे आदित्यवार मे आने वाली सप्तमी को वर्ज्य सप्तमी कहते है। इस व्रत मे सुर्य भगवान का पुजन करते है। घृतयुक्त तिल और जौका हवन कर भगवान सुर्य का ध्यान रख भूमिपर शयन करते है। इस व्रत को मनोभव से करने पर मन कि इच्छा पुरि होती है। यह व्रत सभी सदस्य को फलदायी है। इस व्रत से मनोकामना पुरी होती है। फल की प्राप्ती होती है।

See puja/sadhana rules and regulation

See- about Diksha

See- success rules of sadhana

See- Mantra jaap rules

See- Protect yourself during sadhana/puja

Features

Katha-Path Days
one day Varjya saptami vrat katha
Tithi Muhurth
Krishna Paksha Saptami, Shukl Paksha Saptami
Katha-Paath muhurth
Sunday
$52.64
VASVK1
In stock
Customer reviews and ratings

Be the first to write a review of this product!