Bagalamukhi sadhana Shivir

शिवानंद दास जी के मार्गदर्शन मे


दो दिवसीय

बगलामुखी साधना शिविर

Sat+Sun (27th-28th oct. 2018) at Vajreshwari. Near Mumbai

१२५००० मंत्र जप पुर्णाहुती


इन लोगो के लिये सबसे ज्यादा लाभदायक है जो इस क्षेत्र मे कार्य कर रहे है. जैसे कि

आज इस कलियुग मे हर ब्यक्ति को बगलामुखी साधना करनी चाहिये... जो हर तरह की समस्याओ से घिरा हो, शत्रु परेशान कर रहे हो, सरकारी कामो मे अडचने आ रही हो, भयंकर वाद-्विवाद चल रहा हो, छुपे दुश्मनो की संख्या बढ रही हो, कोर्ट की कारवाईयो से परेशान हो, दुकान-्ब्यवसाय ठप्प पड गये हो,........ तो जरूर इस साधना को करना चाहिये. माता बगलामुखी की कृपा से मनुष्य को संपूर्ण रूप से समृद्धि के साथ सुरक्षा भी मिलती है.


BAGALAMUKHI SADHANA BOOKING


Fees 7500/- Including- Sadhana samagri (Baglamukhi Yantra, Baglamukhi mala, Panchanguli siddha parad gutika, Baglamukhi Panchanguli asan, Baglamukhi shrangar, Siddha Chirmi beads, Gomati chakra, Tantrokta nariyal, White kaudi, Siddha Rakshasutra, haldi ganesh, Siddha Rudraksha and more.) + Baglamukhi Diksha by Guruji+ Living with Breakfast, Lunch, Dinner.

Call for booking- 91 8652439844

Mon.-Sun. 11:00 – 21:00
mantravidya@yahoo.com
91 8652439844

Vaman ekadashi vrat katha paath

Buy Vaman ekadashi vrat katha paath

वामन एकादशी भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को कहा जाता है। यह तिथि 'पद्मा एकादशी', 'जयन्ती...
In stock (50 items)

$51

वामन एकादशी

वामन एकादशी भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को कहा जाता है। यह तिथि 'पद्मा एकादशी', 'जयन्ती एकादशी' या 'परिवर्तनी एकादशी' भी कही जाती है। वामन एकादशी के व्रत को करने से सभी मनोकामनाएँ पूरी होती हैं। इस तिथि में भगवान वामन देव का पूजन अवश्य करना चाहिए। वामन एकादशी के दिन यज्ञोपवीत से भगवान वामन की प्रतिमा स्थापित कर, अर्ध्य दान करने, फल-फूल अर्पित करने और उपवास आदि करने से व्यक्ति का कल्याण होता है।

वामन एकादशी को 'जयन्ती एकादशी' भी कहते हैं। इस एकादशी का व्रत करने से समस्त पापों का नाश होता है। 'जयन्ती एकादशी व्रत' को करने से नीच पापियों का उद्धार हो जाता है। अगर कोई व्यक्ति 'परिवर्तनी एकादशी' के दिन भगवान श्रीविष्णु की भी पूजा करता है तो उसे भी मोक्ष कि प्राप्ति होती है। वामन एकादशी के फलों के विषय में जरा भी संदेह नहीं है। जो भी व्यक्ति इस एकादशी के दिन भगवान विष्णु के वामन रूप की पूजा करता है, वहब्रह्मा,विष्णुऔरशिवतीनों की पूजा करता है। इस एकादशी के व्रत को करने के बाद व्यक्ति के लिए इस संसार में कुछ भी करना शेष नहीं रहता। वामन एकादशी के दिन के विषय में एक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णू जी करवट बदलते हैं। इसी वजह से इस एकादशी को 'परिवर्तिनी एकादशी' भी कहते हैं।

See puja/sadhana rules and regulation

See- about Diksha

See- success rules of sadhana

See- Mantra jaap rules

See- Protect yourself during sadhana/puja

Katha-Path Days1 day Vaman ekadashi vrat katha paath
Tithi MuhurthShukl Paksha Ekadashi
Loading