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MAHA SHIVRATRI 2023

शिवानंद दास जी के मार्गदर्शन मे

महाशिवरात्रि पूजन शिविर

(रुद्राभिषेक+महामृत्युंजय पूजा +रुद्र पूजा+ धनवंतरी पूजा)

18th Feb. 2023 MAHA SHIVARATRI PUJAN SHIVIR AT VAJRESHWARI

मुंबई के निकट वज्रेश्वरी मे महाशिवरात्रि के दिन तांत्रोक्य विधि से रुद्राभिषेक पूजन के साथ रुद्र, महामत्युंजय व धनवंतरी का विशेष पूजन का आयोजन हो रहा है. पारिवारिक जीवन मे आने वाली सभी समस्य व स्वास्थय का निवारण इस दिन किया जाता है. नौकरी धंधा व्यापार मे तरक्की के साथ हर तरह की मनोकामना की पूर्ति होती है इसमे भगवान शिव व माता गौरी के सभी स्वरूपो के साथ अनुष्ठान किया जाता है. सभी पाप को नष्ट कर आत्मा को शुद्ध करता है. इसकी वजह से सभी तरह की आर्थिक अडचने दूर होकर धन बृद्धि होनी लगती है. नौकरी ब्यापार दुकान धंधे मे तरक्की के साथ विवाद क्लेष नष्ट होकर पारिवारिक शांती मिलनी शुरु हो जाती है. इसमें भाग लेने के दो तरीके है एक तो शिविर मे आकर साधना में भाग ले सकते है दूसरा आप ऑनलाइन भी भाग ले सकते हैं अगर आप भाग लेना चाहते हैं तो नीचे डिस्क्रिप्शन में लिंक दिया है वहां पर फॉर्म भरकर आप इस शिविर मे शामिल हो सकते हैं

इसमे भाग लेना किसी सौभाग्य से कम नही है. अगर किसी कारण से आप शिविर मे प्रत्यक्ष नही आ सकते तो ऑनलाईन भी पूजा मे भाग ले सकते है. इसलिये नीचे बुकिंग लिंक दिया गया है वहां से फार्म भर सकते है

MAHA SHIVARATRI PUJAN BOOKING

Call for booking-91 7710812329/ 91 9702222903


Mon.-Sun. 11:00 – 21:00
shopdivyayoga@gmail.com
91 8652439844

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वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मां गंगा स्वर्ग लोक से शिवशंकर की जटाओं में पहुंची थी। इसलिए इस दिन को गंगा ..
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गंगा सप्तमी पूजन

वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मां गंगा स्वर्ग लोक से शिवशंकर की जटाओं में पहुंची थी। इसलिए इस दिन को गंगा सप्तमी के रूप में मनाया जाता है। जिस दिन गंगा जी की उत्पत्ति हुई वह दिन गंगा जयंती (वैशाख शुक्ल सप्तमी) और जिस दिन गंगाजी पृथ्वी पर अवतरित हुई वह दिन 'गंगा दशहरा' (ज्येष्ठ शुक्ल दशमी) के नाम से जाना जाता है। इस दिन मां गंगा का पूजन किया जाता है।

गंगा सप्तमी के अवसर पर्व पर मां गंगा में डुबकी लगाने से मनुष्य के सभी पाप धुल जाते हैं और मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। वैसे तो गंगा स्नान का अपना अलग ही महत्व है, लेकिन इस दिन स्नान करने से मनुष्य सभी दुखों से मुक्ति पा जाता है। इस पर्व के लिए गंगा मंदिरों सहित अन्य मंदिरों पर भी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

दिव्ययोगशॉप के विशिष्ठ पंडित विधि-विधान से गंगा सप्तमी पूजन संपन्न करते है। इसमे पृथम गणेश पूजन के साथ गौरी, शिव तथा कार्तिकेय की पूजा संपन्न की जाती है तत्पश्चात गंगा सप्तमी पूजन के बाद हवन संपन्न किया जाता है। इस पूजा से ग्रहस्थ जीवन मे सफलता, नौकरी व्यवसाय मे सफलता मिलती है।

गंगा सप्तमी पूजन सामग्रीः

गंगा आरती बुक

गंगा सप्तमी गुटिका

३ गोमती चक्र

सिद्ध गंगा फोटो

गंगा सप्तमी माला

तांत्रोक्त गंगा सप्तमी नारियल

गंगा सप्तमी पूजन की संपूर्ण विधि

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