Bagalamukhi Temple

DONETION FOR CONSTRUCTION OF BAGALAMUKHI TEMPLE & YOG ASHRAM

DIVYA YOGA ASHRAM


Divyayogaashram is planning to construct Maa Pitambara Devi Temple (also known as Mata Bagalamukhi) at near Vajreshwari. However, this dream of Guruji won't become a reality without the help of our people. Thus, we strongly look forward to your support in this visionary project. You can make the donation through Bank Transfer, PayTM & UPI.


ICICI BANK. AC NO- 002801019934. AC NAME- S D ASHRAM CHARITABLE TRUST

BRANCH- BHAYANDER WEST

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UPI- [email protected] . Paytm- 7710812329

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दिव्य योग आश्रम की तरफ से मुंबई के पास वज्रेश्वरी के निकट माता बगलामुखी जिसे हम माता पीताम्बरा के नाम से भी जानते है, इस मंदिर के निर्माण मे आपके सहयोग की आवश्यकता है. आप अपना सहयोग पेटीएम, बैंक ट्रांसफर, यूपीआई से कर सकते है

Sita (janaki) navami pujan

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पौराणिक शास्त्रों के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को पुष्य नक्षत्र के मध्या काल में जब महाराजा जनक संतान ..
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सीता नवमी पूजन

Sita Navami- Monday 27th April 2015

Sita Navami- Sunday 15th may 2016

Sita Navami- Thursday 4th may 2017

पौराणिक शास्त्रों के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी को पुष्य नक्षत्र के मध्या काल में जब महाराजा जनक संतान प्राप्ति की कामना से यज्ञ की भूमि तैयार करने के लिए हल से भूमि जोत रहे थे, उसी समय पृथ्वी से एक बालिका का प्राकट्य हुआ।

जोती हुई भूमि तथा हल के नोक को भी 'सीता' कहा जाता है। इसलिए बालिका का नाम 'सीता' रखा गया था। अत: इस पर्व को 'जानकी नवमी' भी कहते हैं। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन व्रत रखता है एवं राम-सीता का विधि-विधान से पूजन करता है, उसे 16 महान दानों का फल, पृथ्वी दान का फल तथा समस्त तीर्थों के दर्शन का फल मिल जाता है।

दिव्ययोगशॉप के विशिष्ठ पंडित विधि-विधान से सीता नवमी पूजन संपन्न करते है। इसमे पृथम गणेश पूजन के साथ गौरी, शिव तथा कार्तिकेय की पूजा संपन्न की जाती है। तत्पश्चात सीता नवमी पूजन के बाद हवन संपन्न किया जाता है। इस पूजा से सुख सम्रुधी प्राप्त होती है। कष्ट दुर होते है। ग्रहस्थ जीवन मे शांती मिलती है।

सीता नवमी पूजन सामग्रीः

सीता आरती बुक

अनघा गुटिका

३ गोमती चक्र

सिद्ध सीता फोटो

सीता माला

तांत्रोक्त सीता नारियल

सीता नवमी पूजन की संपूर्ण विधि

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