Bagalamukhi Temple

DONETION FOR CONSTRUCTION OF BAGALAMUKHI TEMPLE & YOG ASHRAM

DIVYA YOGA ASHRAM


Divyayogaashram is planning to construct Maa Pitambara Devi Temple (also known as Mata Bagalamukhi) at near Vajreshwari. However, this dream of Guruji won't become a reality without the help of our people. Thus, we strongly look forward to your support in this visionary project. You can make the donation through Bank Transfer, PayTM & UPI.


ICICI BANK. AC NO- 002801019934. AC NAME- S D ASHRAM CHARITABLE TRUST

BRANCH- BHAYANDER WEST

IFSC CODE- ICIC0000028

........


UPI- [email protected] . Paytm- 7710812329

(Note: Your donation will be eligible for Tax deduction under *SECTION 80G.)

Donate by Credit card/Debit card- DONATE NOWFor Bagalamukhi temple

दिव्य योग आश्रम की तरफ से मुंबई के पास वज्रेश्वरी के निकट माता बगलामुखी जिसे हम माता पीताम्बरा के नाम से भी जानते है, इस मंदिर के निर्माण मे आपके सहयोग की आवश्यकता है. आप अपना सहयोग पेटीएम, बैंक ट्रांसफर, यूपीआई से कर सकते है

Putrada ekadashi pujan

-12%

Buy Putrada ekadashi pujan

कामिका एकादशी में साफ-सफाई का विशेष महत्व है। व्रत करनेवाली व्यक्ति प्रात: स्नानादि करके भगवान विष्णु की...
In stock (11 items)

$125.93 $110.90

पुत्रदा एकादशी पूजन

Putrada ekadashi pujan date Thursday 1st January 2015

Putrada ekadashi pujan date Wednesday 20th January 2016

Putrada ekadashi pujan date Sunday 8th January 2017

Putrada ekadashi pujan date Friday 29th December 2015

कामिका एकादशी में साफ-सफाई का विशेष महत्व है। व्रत करनेवाली व्यक्ति प्रात: स्नानादि करके भगवान विष्णु की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान करायें। पंचामृत से स्नान कराने से पूर्व प्रतिमा को शुद्ध गंगाजल से स्नान करना चाहिए। पंचामृत में दूध, दही, घी, शहद और शक्कर शामिल है। स्नान कराने के बाद भगवान को गंध, अच्छत इंद्र जौ का प्रयोग करे और पुष्प चढ़ायें।
धूप, दीप, चंदन आदि सुगंधित पदार्थो से आरती उतारनी चाहिए। नैवेधय का भोग लगाये। इसमें भगवान श्रीधर को मक्खन मिश्री और तुलसी दल अवश्य ही चढ़ाएं और अन्त में श्रमा याचन करते हुए भगवान को नमस्कार करें। विष्णु सहस्त्र नाम पाठ का जाप अवश्य करना चाहिए।

दिव्ययोगशॉप के विशिष्ठ पंडित विधि-विधान से पुत्रदा एकादशी पूजन संपन्न करते है। इसमे पृथम गणेश पूजन के साथ गौरी, शिव तथा कार्तिकेय की पूजा संपन्न की जाती है। तत्पश्चात पुत्रदा एकादशी पूजन के बाद हवन संपन्न किया जाता है। इस पूजा से पुत्र प्राप्ती होने के लिये। पति-पत्नी के संबध अच्छे होते है। पुत्र प्राप्ती के विघ्न दुर होते है।

पुत्रदा एकादशी पूजन सामग्रीः

पुत्रदा आरती बुक

पुत्रदा गुटिका

३ गोमती चक्र

सिद्ध पुत्रदा फोटो

पुत्रदा माला

तांत्रोक्त पुत्रदा नारियल

पुत्रदा एकादशी पूजन की संपूर्ण विधि

See puja/sadhana rules and regulation

See- about Diksha

See- success rules of sadhana

See- Mantra jaap rules

See- Protect yourself during sadhana/puja