Bhairav sadhana Shivir

शिवानंद दास जी के मार्गदर्शन मे

भैरव साधना शिविर

Bhairav Sadhna Shivir

(Sat+Sun) 2nd -3rd march 2019 at Vajreshwari near mumbai.

बिना भैरव उपासना के साधक कभी भी किसी भी देवी को प्रसन्न नही कर सकता, फिर चाहे वह महाविद्या हो, दुर्गा हो, कामाख्या हो, मनसा देवी हो, बिना भैरव के आशिर्वाद के ये माता कभी भी प्रसन्न नही होती!

भैरव के उपासक को यात्रा मे सफलता को अनेको लाभ मिलते है जैसे कि यात्रा मे सफलता, विदेश यात्रा, यात्रा सुरक्षा, तंत्र बाधा सुरक्षा, नजर सुरक्षा, धन की सुरक्षा, शत्रु सुरक्षा तथा सभी देवियो की कृपा प्राप्त होती है.

इसलिये इस भैरव साधना शिविर मे १२५००० से लेकर ५५०००० तन जप हवन का अनुष्ठान होगा. इसमे भाग लेना किसी सौभाग्य से कम नही है. इसलिये एक बार अवश्य जरूर इस शिविर मे भाग लेकर अनुभव जरूर प्राप्त करे!

BHAIRAV SADHANA BOOKING

Pickup point-(8am) Hotel Hardik place, opp mira road railway station east. Mira road.

Shivir Location- https://goo.gl/maps/AWUTZNAyjky

Fees 7500/- Including- Sadhana samagri (Siddha bhairav Yantra, Siddha bhairav mala, Siddha bhairav parad gutika, Siddha bhairav asan, Siddha Chirmi beads, Gomati chakra, Tantrokta nariyal, siddha kaudi, Siddha Rakshasutra, Siddha Rudraksha and more.) + Bhairav Diksha by Guruji+ Room Stay with Complementary Breakfast, Lunch, Dinner. (Husband-wife 10000/-)

Call for booking- 91 9702222903

Kamika ekadashi pujan

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कामिका एकादशी में साफ-सफाई का विशेष महत्व है। व्रत करनेवाली व्यक्ति प्रात: स्नानादि करके भगवान विष्णु की...
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कामिका एकादशी पूजन

Kamika ekadashi pujan date Monday 10th august 2015

Kamika ekadashi pujan date Saturday 30th July 2016

Kamika ekadashi pujan date Wednesday 19th July 2017

कामिका एकादशी में साफ-सफाई का विशेष महत्व है। व्रत करनेवाली व्यक्ति प्रात: स्नानादि करके भगवान विष्णु की प्रतिमा को पंचामृत से स्नान करायें। पंचामृत से स्नान कराने से पूर्व प्रतिमा को शुद्ध गंगाजल से स्नान करना चाहिए। पंचामृत में दूध, दही, घी, शहद और शक्कर शामिल है। स्नान कराने के बाद भगवान को गंध, अच्छत इंद्र जौ का प्रयोग करे और पुष्प चढ़ायें।
धूप, दीप, चंदन आदि सुगंधित पदार्थो से आरती उतारनी चाहिए। नैवेधय का भोग लगाये। इसमें भगवान श्रीधर को मक्खन मिश्री और तुलसी दल अवश्य ही चढ़ाएं और अन्त में श्रमा याचन करते हुए भगवान को नमस्कार करें। विष्णु सहस्त्र नाम पाठ का जाप अवश्य करना चाहिए।

दिव्ययोगशॉप के विशिष्ठ पंडित विधि-विधान से कामिका एकादशी पूजन संपन्न करते है। इसमे पृथम गणेश पूजन के साथ गौरी, शिव तथा कार्तिकेय की पूजा संपन्न की जाती है। तत्पश्चात कामिका एकादशी पूजन के बाद हवन संपन्न किया जाता है। इस पूजा से पापों से मुक्ती मिलती है। परिवार मे शांती बनी रहती है।

कामिका एकादशी पूजन सामग्रीः

कामिका आरती बुक

कामिका गुटिका

३ गोमती चक्र

सिद्ध कामिका फोटो

कामिका माला

तांत्रोक्त कामिका नारियल

कामिका एकादशी पूजन की संपूर्ण विधि

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