Kundalini Dhyan Shivir

Shivanand Das ji

LEARN KUNDALINI DHYAN

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28TH-29TH JUNE 2018 AT ROHINI DELHI

28th june- Time- 11am to 3pm and 4pm to 7pm.

29th june - Timing- 11am to 3pm and 4pm to 7pm.

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Venue- Amar Jyoti Colony, Rohini, Delhi

आचार्य श्री शिवानंद दास जी के मार्गदर्शन मे २ दिवसीय निःशुल्क कुंडलिनी ध्यान शिविर मे भाग लेकर अपनी शारीरिक- मानसिक व अध्यात्मिक शक्ति को बढाईये. और अध्यात्म का अनुभव लेकर अपनी आर्थिक समस्या, स्वास्थय, पारिवारिक समस्या से मुक्ति पाये.

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एक बार इस कुंडलिनी ध्यान शिविर का अनुभव अवश्य ले.

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१८ वर्ष के ऊपर सभी लोग आमंत्रित है!

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FREE ENTRY- FREE ENTRY- FREE ENTRY

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CALL FOR BOOKING- 91 9650985157- 8377003396. (Bal kishan)


Mon.-Sun. 11:00 – 21:00
mantravidya@yahoo.com
91 8652439844

Govatsa dwadashi pujan

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भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को गोवत्स द्वादशी कहते हैं। इसे बछवारस के नाम से भी जाना जाता है। इस...
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गोवत्स द्वादशी पूजन

भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को गोवत्स द्वादशी कहते हैं। इसे बछवारस के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन महिलाएं गाय व बछड़ों का पूजन करती हैं। इसे पुत्रवती स्त्रियां ही करती हैं।यदि किसी के यहां गाय व बछड़े न हों तो वह किसी दूसरे की गाय या बछड़े की पूजा करें। यदि गांव में भी न हों तो गीली मिट्टी से गाय, बछड़ा, बाघ तथा बाघिन की मूर्तियां बनाकर पाटे पर रखकर उनकी पूजा करें। उस पर दही, भीगा हुआ बाजरा, आटा, घी आदि चढ़ाएं। रोली से तिलक करें, चावल और दूध चढ़ाएं।

दिव्ययोगशॉप के विशिष्ठ पंडित विधि-विधान से गोवत्स द्वादशी पूजन संपन्न करते है। इसमे पृथम गणेश पूजन के साथ गौरी, शिव तथा कार्तिकेय की पूजा संपन्न की जाती है। तत्पश्चात गोवत्स द्वादशी पूजन के बाद हवन संपन्न किया जाता है। इस पूजा से मन प्रसन्न होता है। लडकीयो को अच्छा मनपसंत लडका मिलता है।

गोवत्स द्वादशी पूजन सामग्रीः

गोवत्स द्वादशी आरती बुक

गोवत्स द्वादशी गुटिका

३ गोमती चक्र

सिद्ध गोवत्स द्वादशी फोटो

गोवत्स द्वादशी माला

तांत्रोक्त गोवत्स द्वादशी नारियल

गोवत्स द्वादशी पूजन की संपूर्ण विधि

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