Categories- Shivir/Sadhna Booking | Divyayogashop faq  |

 How to do Trataka - फ्री त्राटक करना कैसे सीखे? बिंदू त्राटक कैसे करे आईने के त्राटक से आश्चर्य जनक लाभकाले तिल से जाने सामने वाले का भविष्य

जाने संमोहन कैसे सीखे ५ भागो मे

 

.
Aghor Kavach Apsara Bagalamukhi Durga Ganesha Hanuman Kali Lakshmi Sadhana/Prayog Tantra Shiva  
Learn Hypnotism, Reiki, Pranik Healing, Yantra making, Aura reading, Past-life Regression, Hypnotism, Kundalini Dhyan, Paranormal, Astrology, Mantra sadhana and much more.... Contact- 91 8652439844

Siddha Sulemani lal apsara sadhana 4.00 1

हमने बहुत सी कहॉनिया परियो के बारे मे सुनी है कि अगर उनसे मुलाकात हो जाये तो क्या रोमांच अनुभव होगा। संसार में हमेशा इन्सान सच्चे प्रेम के लिए भटका है..

In stock
$52.16 ×

Add to comparison table

Categories: Sadhana in Hindi

  • Overview
  • Features
  • Reviews (1)

Overview

सिद्ध सुलेमानी अप्सरा लाल परी साधना

हमने बहुत सी कहॉनिया परियो के बारे मे सुनी है कि अगर उनसे मुलाकात हो जाये तो क्या रोमांच अनुभव होगा। संसार में हमेशा इन्सान सच्चे प्रेम के लिए भटका है। मगर उसे सिवाए छल-कपट के कुछ नहीं मिलता। घर-परिवार का माहौल भी कलेश के कारण और जरूरी वस्तुओं की कमी के कारण खराब हो जाता है। तो मन का इस संसार से उचट जाना स्वाभाविक है। तो इन्सान देवीय शक्ति की शरण मे जाता है। मगर किसी भी तत्व को जानने और समझने के लिए आपकी आवश्यकताओं की पूर्ति होनी जरुरी है और बिना इसके आप देव तत्व में भी मन नहीं लगा सकते । फिर जीवन मे ऐसे बदलाव की जरूरत है कि जो आपको जीने की कला सिखादे और आप के जीवन में आ रही कमी को दूर कर दे और सही साथी की तरह सलाह दे और आपको आने वाले समय से आगाह करे।

सिद्ध सुलेमानी अप्सरा लाल परी साधना के लाभ :-
ये जीवन में आने वाली धन की कमी को दूर करती है और किसी ना किसी माध्यम से, लॉटरी आदि से आकस्मिक धन की प्राप्ति कराती है। इस से घर का माहौल सुख मय हो जाता है। कई दोस्तों ने पूछा कि पत्नी बहुत झगडालू है कलेश बना रहता है। ये सिद्ध सुलेमानी अप्सरा लाल परी साधना आपकी पत्नी के स्वभाव को एक दम बदल देगी और वो आपको समझने लगेगी। क्योंकि इन साधनाओं का गुप्त रहस्य यही है कि अप्सरा तत्व आपकी पत्नी में समावेश कर जाता है और उस में प्रेम, लज्जा और समर्पण जैसे गुण पैदा कर देता है और आपके घर के माहौल को एक नई शांति, उर्जा और सुकून से भर देती है। क्योंकि अप्सरा में लक्ष्मी और जल तत्व प्रधान होता है.

अगर इस साधना को पूर्ण विश्वास और समर्पित भाव से संपन्न किया जाय तो इसके परिणाम से साधक आश्चर्य चकित रह जाते है। ये सौंदर्य के साथ साथ शांति का भी प्रतीक है। यह पूरी तरह आजमाई हुई साधना है और इस में प्रत्यक्षीकरण होता है मतलब आप अपनी इन आँखों से इसे देख सकते हो। कई बार प्रत्यक्षीकरण के वक़्त साधक सब भूल जाता है । उसे ये भी नहीं पता चलता कि मैं इसे क्या कहूँ। आप बिना संकोच अपने दिल की बात उसे कह सकते हो। अगर फिर भी ऐसी स्थिति आ जाये तो आप उसे अपनी प्रेमिका या दोस्त बनने को कह सकते हो। इसपे वो प्रसन्न होकर आपको बहुत कुछ प्रदान कर देती है जिसकी आपको आवश्यकता होती है।

सिद्ध सुलेमानी अप्सरा लाल परी साधना विधि :-
इस साधना को किसी भी नोचंदे जुमेरात (संक्राति के बाद प्रथम शुक्रवार) या किसी भी शुक्रवार को संपन्न किया जा सकता है।

चमेली के तेल का दिया लगा दें । सिद्ध बादाम की लकडी से अपने चारों ओर एक घेरा लगा लें । जब साधना में बैठे तो जब तक जप पूर्ण ना हो उस घेरे से बाहर ना हो इस बात का खास ख्याल रखे । चमेली या गुलाब के पुष्पों को पास रखे । जब हाजिर हो मंत्र पढते हुए पुष्पों की वर्षा करते हुए उसका स्वागत करे और वो आपके पास आकार बैठ जाये तो विचलित ना हो बस मन्त्र जप करते रहे । जब आपकी साधना पूर्ण हो जाये तभी बात करे और तब तक आपको कुछ भी कहे बोले ना । जप पूरा होते ही वो चली जाएगी और ऐसा हर दिन होगा इस बात का ख्याल रखे । जब अंतिम दिन हो तब वो बेबस हो आपको कुछ मांगने के लिए कहे तो आप उसे कहे तुम मेरी प्रेमिका बन जाओ या जो आपकी इच्छा हो कह सकते हो ।

भोग के लिए फल व मिठाई आदि पास रखे ।

एक पानी का पात्र और लोवान का धूप आदि जलाये ।

हिना या चमेली का इत्र भी पास रखे । थोरी रूई भी जब आपके पास बैठे तो उसे इत्र का फोया दे मतलव थोड़ी रूई पर इतर लगाकर भेंट करे ।

माला सिद्ध लाल हकीक की ले ।

वस्त्र सफ़ेद लुंगी या कुरता पजामा भी पहन सकते हो ।

दिशा पश्चिम की ओर मुख कर साधना करे ।

इस के लिए एकात कक्ष होना अनिवार्य है ।

किसी भी आसन मे बैठ सकते है।

कमरे में इत्र या सेंट आदि छिड़क दें । अगरवती भी लगा सकते हो अगर लोवान का धूप प्राप्त ना हो ।

सर्व प्रथम गुरु पूजन करें और साधना के लिए आज्ञा मांगे और फिर गणेश का पूजन करे और सफलता के लिए प्रार्थना करे । फिर निम्नमंत्र की २७ माला जप करे और जप से पहले आसन पर बैठ के बादाम की लकडी से अपने चारों ओर रेखा खींच लें और दूध का बना प्रसाद बर्फी या पेडे आदि भी पास रखें और उपर जो जो समान बताया है सभी रखें । २७ माला से पहले आप उठे ना । सामने किसी बाजोट को रख उसपे चमेली के तेल का दिया आदि लगा दें और लोवान का धूप लगा दे । फिर मन्त्र जप शुरू करे । ये साधना २१ दिन करनी है ।

सिद्ध सुलेमानी अप्सरा लाल परी साधना शाबर मंत्र :-
॥ बिस्मिला सुलेमान लाल परी,
हाथ पे धरी खावे चुरी निलावे कुञ्ज हरी॥

सिद्ध सुलेमानी अप्सरा लाल परी साधना सामग्री:-

सिद्ध लाल/हरा हकीक अप्सरा माला, सुलेमानी अप्सरा यन्त्र, सिद्ध बादाम लकडी (कलम), सिद्ध चमेली इत्र, अप्सरा गुटिका.


Tags: सिद्ध सुलेमानी अप्सरा लाल परी साधना Siddha Sulemani lal apsara sadhana

Ask Question about this "Siddha Sulemani lal apsara sadhana"