श्वेतार्क की जड़ यानी श्वेतार्क गणेश को कृष्ण पक्ष की अष्टमी के दिन रात्रि के प्रथम प्रहर में स्वयं लाल वस्त्र धारण कर लाल आसन पर पश्चिम मुख होकर झूठे मुँह से सामने थाली में श्वेतार्क गणेश की प्रतिमा को स्थापित कर साधना में सफलता की गुरुदेव से प्रार्थना..