Shravan dvadashi vrat katha paath

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वादशी को जब कि श्रवण नक्षत्र हो। एकादशी को उपवास रखा जाता है। द्वादशी को गंगा-यमुना...
SKUSHDVKP1
Shravan dvadashi vrat katha paath

Overview

श्रावण द्वादशी

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वादशी को जब कि श्रवण नक्षत्र हो। एकादशी को उपवास रखा जाता है। द्वादशी को गंगा-यमुना के पवित्र जल से धोये गये मिट्टी के पात्र में भात एवं दही का दान दिया जाता है। श्रवण नक्षत्र की द्वादशी पर उपवास रखा जाता है। जनार्दन की पूजा की पूजा की जाती है। 12 द्वादशियों का पुण्य फल मिलता है। यदि श्रावण द्वादशी बुधवार को पड़े तो उसे महान कहा जाता है।इस व्रत में देवता विष्णु की पूजा की जाती है। अग्नि पुराण के 15 श्लोक पाये जाते हैं।अधिकांश निबन्ध इसका विस्तृत वर्णन उपस्थित करते हैं। पद्म पुराणमें इसकी गाथा एवं माहात्म्य है।

See puja/sadhana rules and regulation

See- about Diksha

See- success rules of sadhana

See- Mantra jaap rules

See- Protect yourself during sadhana/puja

Features

Katha-Path Days
1 day Shravan dvadashi vrat katha paath
Tithi Muhurth
Krishna Paksha Dvadashi, Shukl Paksha Dvadashi
$52.64
SHDVKP1
In stock
Customer reviews and ratings

Be the first to write a review of this product!