Bagalamukhi Temple

DONETION FOR CONSTRUCTION OF BAGALAMUKHI TEMPLE & YOG ASHRAM

DIVYA YOGA ASHRAM


Divyayogaashram is planning to construct Maa Pitambara Devi Temple (also known as Mata Bagalamukhi) at near Vajreshwari. However, this dream of Guruji won't become a reality without the help of our people. Thus, we strongly look forward to your support in this visionary project. You can make the donation through Bank Transfer, PayTM & UPI.


ICICI BANK. AC NO- 002801019934. AC NAME- S D ASHRAM CHARITABLE TRUST

BRANCH- BHAYANDER WEST

IFSC CODE- ICIC0000028

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UPI- [email protected] . Paytm- 7710812329

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दिव्य योग आश्रम की तरफ से मुंबई के पास वज्रेश्वरी के निकट माता बगलामुखी जिसे हम माता पीताम्बरा के नाम से भी जानते है, इस मंदिर के निर्माण मे आपके सहयोग की आवश्यकता है. आप अपना सहयोग पेटीएम, बैंक ट्रांसफर, यूपीआई से कर सकते है

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Some special prayers for the happiness of Lord Shiva Puja is the importance of puja articles offerings...
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Some special prayers for the happiness of Lord Shiva Puja is the importance of puja articles offerings. These are Belpatra, white flowers, Dhatura is considered very auspicious. Dhatura is also described as Belpatra for Shiva puja. Although the fruit is poisonous. But every person knows who is connected to Sanatana Dharma Shiva drank the poison, for protect the world. Shiva worship is also the spirit behind in offering Datura.

भगवान शिव की प्रसन्नता के लिए पूजा में कुछ विशेष पूजा सामग्री को चढ़ाने का महत्व है। इनमें बेलपत्र, सफेद फूल के साथ धतूरा चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है। बेलपत्र की तरह धतूरा भी शिव को प्रिय बताया गया है। हालांकि धतूरा जहरीला फल होता है। लेकिन सनातन धर्म से जुड़ा हर जन यह जानता है कि शिव ने समुद्र मंथन से निकले गरल यानी जहर को पीकर ही जगत की रक्षा की।

शिव ने विषपान कर ही जगत को परोपकार, उदारता और सहनशीलता का संदेश दिया। शिव पूजा में धतूरे जैसा जहरीला फल चढ़ाने के पीछे भी भाव यही है कि व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक जीवन में कटु व्यवहार और वाणी से बचें। स्वार्थ की भावना न रखकर दूसरों के हित का भाव रखें। तभी अपने साथ दूसरों का जीवन सुखी हो सकता है।

शिव को धतूरा प्यारा होने की बात में भी संदेश यही है कि शिवालय में जाकर शिवलिंग पर धतूरा चढ़ाकर मन और विचारों की कड़वाहट निकालने और मिठास को अपनाने का संकल्प लें। ऐसा करना ही शिव की प्रसन्नता के लिए सच्ची पूजा होगी क्योंकि शिव शब्द के साथ सुख, कल्याण व अपनत्व भाव ही जुड़े हैं।