Divyayogashop Blog

 February 15, 2021 

MAHASHIVRATRI PUJAN

11th March 2021, at Vajreshwari

Every month, the small Shivaratri falls on the Trayodashi of Krishna Paksha, but the coming Shivaratri on the Thrayodashi of the Krishna Paksha of Phalgun month is called Maha Shivaratri. This Mahashivratri, which comes once a year, is very auspicious and fulfills wishes. On this day, all the defects coming in the horoscope are removed, such as .. Kalsarp Dosh, Chandal Dosh, Grahan Dosh, Venom Dosh, Manglik Dosh etc. 

Without this......

  • There is a benefit in marriage, engagement and other mangalik work.
  • Get rid of tantra badha
  • Enemies keep calm
  • Protection from evil/sprit/ghost.
  • Business obstacles
  • Job, interview benefits
  • Disputes calm down
  • Family Disputes begin to calm down
  • Peace between husband-wife
  • Talented child is obtained
  • Bad behavior of children starts removing
  • Immunity begins to increase

BOOK MAHA SHIVARATRI PUJA SHIVIR

In this worship camp, secret Pashupat Puja is being performed with Rudrabhishek, which is considered to be of high power. Only fortunate people are able to participate in such a worship camp, if for some reason you are unable to attend the camp, then you can also participate online (proxy).

Call:- 7710812329

हर महीना कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को छोटी शिवरात्री आती है, लेकिन फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को आने वाली शिवरात्री महाशिवरात्री कहलाती है. वर्ष मे एक बार आने वाली यह महाशिवरात्री बहुत ही शुभ व मनोकामनाओ की पुर्ति करने वाली होती है. इस दिन कुंडली मे आने वाले सभी दोषो का का निवारण किया जाता है जैसे कि.. कालसर्प दोष, चांडाल दोष, ग्रहन दोष, विष दोष, मांगलिक दोष ईत्यादि. इसके अलावा..

  • शादी व्याह, सगाई जैसे मंगल कार्य मे लाभ मिलता है.
  • तंत्र से छुटकारा मिलता है
  • शत्रु शांत रहते है
  • भूत प्रेत बाधा शांत हो जाती है
  • व्यापार बाधा नष्ट होने लगती है
  • नौकरी, इंटरव्यू मे लाभ मिलता है
  • विवाद नष्ट होने लगते है
  • पारिवारिक क्लेश शांत होने लगते है
  • पति-पत्नि के विवाद नष्ट होने लगते है
  • योग्य संतान की प्राप्ति होती है
  • संतान के बुरे आचरण मे सुधार होने लगता है
  • रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढने लगती है

इस पूजन शिविर मे रुद्राभिषेक के साथ गोपनीय पाशुपत पूजा संपन्न हो रही है, जो कि उच्च कोटि की पूजा मानी जाती है. भाग्यवान लोग ही इस इस तरह के पूजन शिविर मे भाग ले पाते है, अगर किसी कारण से शिविर मे भाग नही ले पाते तो आप ऑनलाईन भी भाग ले सकते है.

 February 15, 2021 

शिवानंद दास जी के मार्गदर्शन मे

बगलामुखी साधना शिविर- वज्रेश्वरी

BAGALAMUKHI SADHANA SHIVIR

(Sat+Sun) 13-14 March. 2021 at Vajreshwari near mumbai.

Mata Baglamukhi Mahavidya is considered to be the enemy destroyer, it immediately destroys any kind of jealousy, tantra, blackmagic or any kind of negative energy coming by the enemy. Court-court, debates, conspiracies, government hurdles keep away. By this sadhana, person gets rid of himself and his family from all kinds of obstacles.

माता बगलामुखी महाविद्या शत्रु विनाशिनी मानी जाती है ये शत्रु के द्वारा आने वाली किसी भी प्रकार की नजर, तंत्र, ब्लैकमजिक या किसी भी प्रकार का नकारात्मक उर्जा को तुरंत नष्ट कर देती है. कोर्ट-्कचहरी, वाद विवाद, षडयंत्र,सरकारी अडचने को हमेशा दूर रखती है. इस साधना के द्वारा ब्यक्ति अपने व अपने परिवार को हर तरह की बाधा से सुरक्षित कर देता है.

इस शिविर मे १२५००० से लेकर ५५०००० तक जप हवन का अनुष्ठान होगा. इसमे भाग लेना किसी सौभाग्य से कम नही है. इसलिये एक बार अवश्य जरूर इस शिविर मे भाग लेकर अनुभव जरूर प्राप्त करे!

BAGALAMUKHI SADHANA BOOKING

Shivir Location- https://goo.gl/maps/AWUTZNAyjky

Fees 8000/- Including- Sadhana samagri (Siddha Bagalamukhi Yantra, Siddha Bagalamukhi mala , Siddha Bagalamukhi parad gutika, Bagalamukhi asan, Siddha Chirmi beads, Gomati chakra, Tantrokta nariyal, siddha kaudi, Siddha Rakshasutra and more.) + Bagalamukhi Diksha by Guruji+ Room Stay with Complementary Breakfast, Lunch, Dinner. (Husband-wife 12000/-) (Pay 1000/- booking and balance pay on shivir)

Call for booking-91 7710812329/ 91 9702222903

 January 25, 2021 

शिवानंद दास जी के मार्गदर्शन मे

Pitra Dosha Nivaran Pujan

पित्र दोष निवारण पूजन शिविर

Pitra Dosha Nivaran Pujan Shivir

(Amavasya) 11th Feb. 2021 at Vajreshwari near mumbai.

If you suffer from problems of marriage, children, Jealousy,  Blackmagic. The parent is sick or separated, the work is not completed on time, or there is a problem in the work. Friends are becoming enemies, family is in trouble, so it means that you have may be Pitra dosha. If there is any constellation in your horoscope, Ashlesha, Magha, Revathi, Mool, and Jyeshtha Nakshatra, then it means you have Pitra Dosh. Then your friends also become enemies. So you have to get the Pitra Dosha Pooja done.

Participating physically or participating online (proxy) is no less fortunate. Therefore, one must definitely get experience by this shivir!

अगर आप विवाह, संतान की समस्या, नजर, तंत्र बाधा से ग्रस्त है. माता पिता बिमार है या अलग हो चुके है, कार्य समय पर पूरा नही हो पा रहा है, या कार्य मे अडचन आ रही है. मित्र दुश्मन बन रहे, परिवार मे क्लेश है तो इसका मतलब यह है कि कही आपको पित्र दोष तो नही है? अगर आपकी कुंडली मे अश्लेषा, मघा, रेवती, मूल, व ज्येष्ठा नक्षत्र मे से कोई एक नक्षत्र है, तो इसका मतलब आपको पित्र दोष लगा हुआ है. तब आपके मित्र भी शत्रु बन जाते है. तब आपको पित्र दोष निवारण पूजा करवानी ही होगी.

इस मे भाग लेना या ऑनलाईन भाग लेना किसी सौभाग्य से कम नही है. इसलिये एक बार अवश्य जरूर इस शिविर मे भाग लेकर अनुभव जरूर प्राप्त करे!

PITRA DOSHA NIVARAN PUJAN BOOKING

Pickup point-(8am) Hotel Hardik place, opp mira road railway station east. Mira road.

Shivir Location- https://goo.gl/maps/AWUTZNAyjky

Call for booking-91 7710812329/ 91 9702222903

 January 25, 2021 

शिवानंद दास जी के मार्गदर्शन मे

Pitra Dosha Nivaran Pujan

पित्र दोष निवारण पूजन शिविर

Pitra Dosha Nivaran Pujan Shivir

(Amavasya) 11th Feb. 2021 at Vajreshwari near mumbai.

If you suffer from problems of marriage, children, Jealousy,  Blackmagic. The parent is sick or separated, the work is not completed on time, or there is a problem in the work. Friends are becoming enemies, family is in trouble, so it means that you have may be Pitra dosha. If there is any constellation in your horoscope, Ashlesha, Magha, Revathi, Mool, and Jyeshtha Nakshatra, then it means you have Pitra Dosh. Then your friends also become enemies. So you have to get the Pitra Dosha Pooja done.

Participating physically or participating online (proxy) is no less fortunate. Therefore, one must definitely get experience by this shivir!

अगर आप विवाह, संतान की समस्या, नजर, तंत्र बाधा से ग्रस्त है. माता पिता बिमार है या अलग हो चुके है, कार्य समय पर पूरा नही हो पा रहा है, या कार्य मे अडचन आ रही है. मित्र दुश्मन बन रहे, परिवार मे क्लेश है तो इसका मतलब यह है कि कही आपको पित्र दोष तो नही है? अगर आपकी कुंडली मे अश्लेषा, मघा, रेवती, मूल, व ज्येष्ठा नक्षत्र मे से कोई एक नक्षत्र है, तो इसका मतलब आपको पित्र दोष लगा हुआ है. तब आपके मित्र भी शत्रु बन जाते है. तब आपको पित्र दोष निवारण पूजा करवानी ही होगी.

इस मे भाग लेना या ऑनलाईन भाग लेना किसी सौभाग्य से कम नही है. इसलिये एक बार अवश्य जरूर इस शिविर मे भाग लेकर अनुभव जरूर प्राप्त करे!

PITRA DOSHA NIVARAN PUJAN BOOKING

Pickup point-(8am) Hotel Hardik place, opp mira road railway station east. Mira road.

Shivir Location- https://goo.gl/maps/AWUTZNAyjky

Call for booking-91 7710812329/ 91 9702222903

 January 4, 2021 

शिवानंद दास जी के मार्गदर्शन मे

पंचागुली साधना शिविर- वज्रेश्वरी

PANCHANGULI SADHANA SHIVIR- VAJRESHWARI

(Sat+Sun) 27th-28th Feb. 2021 at Vajreshwari near mumbai.

Mata Panchaguli is considered to be the goddess of Panchag and Kaalgyan. This sadhana increases the ability to understand the nature of the person.. The ability to do spiritual healing in them increases. They must do their work which ...

Astrology - Numerology - Ramal Science - Spiritual Healing - Prayer reciters - Tantra Mantra worshipers - It is considered mandatory for the sadhak to do Panchanguli Sadhana. Apart from this, this practice is also necessary for such people, whose job is to meet people or new people come to meet them. In this, the knowledge of the nature of the person in front is less deceiving.

In this shivir, there will be a ritual of chanting from 125000 to 550000. Taking part in it is no less fortunate. Therefore, one must definitely get experience by participating in this camp!

माता पंचागुली पंचाग की व कालज्ञान की देवी मानी जाती है. इनकी साधना से ब्यक्ति के अंदर सामने वाले के स्वभाव को समझने की क्षमता बढ जाती है. इनके अंदर अध्यात्मिक उपचार करने की क्षमता बढ जाती है. इनकी साधना उन्हे अवश्य करनी चाहिये जो ...

ज्योतिष - नंबरोलोजी- रमल विज्ञान-अध्यात्मिक उपचार- पूजा पाठ करने वाले- तंत्र मंत्र उपासक- साधक के लिये पंचांगुली साधना करना अनिवार्य माना जाता है. इसके अलावा ऐसे लोगो के लिये भी यह साधना जरूरी है जिनका काम ही लोगो से मिलना होता है या नये नये लोग उनसे मिलने के लिये आते है. इसमे सामने वाले ब्यक्ति के स्वभाव की जानकारी होने धोका कम मिलता है.

 इस शिविर मे १२५००० से लेकर ५५०००० तक जप हवन का अनुष्ठान होगा. इसमे भाग लेना किसी सौभाग्य से कम नही है. इसलिये एक बार अवश्य जरूर इस शिविर मे भाग लेकर अनुभव जरूर प्राप्त करे!

PANCHANGULI SADHANA SHIVIR BOOKING

Pickup point-(8am) Hotel Hardik place, opp mira road railway station east. Mira road.

Shivir Location- https://goo.gl/maps/AWUTZNAyjky

Fees 8000/- Including- Sadhana samagri (Siddha Panchanguli Yantra, Siddha, Panchanguli mala, Siddha Panchanguli parad gutika, Panchanguli asan, Siddha Chirmi beads, Gomati chakra, Tantrokta nariyal, siddha kaudi, Siddha Rakshasutra and more.) + Panchanguli Diksha by Guruji+ Room Stay with Complementary Breakfast, Lunch, Dinner. (Husband-wife 12000/-) (Pay 1000/- booking and balance pay on shivir)

Call for booking-91 7710812329/ 91 9702222903

 December 6, 2020 

विपरीत प्रत्यंगिरा साधना शिविर वज्रेश्वरी

(Sat+Sun) 2- 3 Jan.21.at Vajreshwari near mumbai

Viparit Pratyangira is considered a powerful force, it immediately sends back any kind of Jealousy, blackmagic or any kind of negative energy coming by the enemy. Because of this, enemies slowly stop harassing.

बिपरीत प्रत्यंगिरा एक शक्तिशाली शक्ति मानी जाती है ये शत्रु के द्वारा आने वाली किसी भी प्रकार की नजर, तंत्र, ब्लैकमजिक या किसी भी प्रकार का नकारात्मक उर्जा को तुरंत वापस भेज देता है. इसकी वजह से धीरे धीरे शत्रु परेशान करना बंद कर देते है.

इस साधना के द्वारा ब्यक्ति अपने परिवार को हर तरह की बाधा से सुरक्षित कर लेता है.

इस शिविर मे १२५००० से लेकर ५५०००० तक जप हवन का अनुष्ठान होगा. इसमे भाग लेना किसी सौभाग्य से कम नही है. इसलिये एक बार अवश्य जरूर इस शिविर मे भाग लेकर अनुभव जरूर प्राप्त करे!

VIPREET PRATYANGIRA SADHANA BOOKING

Pickup point-(8am) Hotel Hardik place, opp mira road railway station east. Mira road.

Shivir Location- https://goo.gl/maps/AWUTZNAyjky

Fees 8000/- Including- Sadhana samagri (Siddha Pratyangira Yantra, Pratyangira mala, Siddha Pratyangira suraksha gutika, Pratyangira asan, Pratyangira shrangar, Siddha Chirmi beads, Gomati chakra, Tantrokta nariyal, siddha kaudi, Siddha Rakshasutra and more.) + Pratyangira Diksha by Guruji+ Room Stay with Complementary Breakfast, Lunch, Dinner. (Husband-wife 12000/-) (Pay 1000/- booking and balance pay on shivir)

Call for booking-91 7710812329/ 91 9702222903

 December 6, 2020 

Kumbha Vivah shivir vajreshwari

(Sat+Sun) 23-24 Jan. 2021 at Vajreshwari near Mumbai.

Mata Katyayani is considered to be the form of Durga, this is considered to be the auspicious goddess of mangalik work. Person practiced to remove many problems such as ..

माता कात्यायनी दुर्गा का स्वरूप मानी जाती है ये शुभ कार्य व मंगल कार्य की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती है. इनकी साधनाअनेको समस्याओ को दूर करने के लिये की जाती है जैसे कि..

Engagement is falling apart

  • Spouse Wives
  • Lover love
  • Interruption of marriage
  • Difficulties in marriage due to old age
  • Unable to impress your partner
  • Chances of getting divorced increased
  • बार बार सगाई टूट रही हो
  • पति-पत्नि मे अनबन
  • प्रेमी-प्रेमिका मे अनबन
  • विवाह मे बाधा
  • उम्र बढ जाने की वजह से शादी-व्याह मे अडचन
  • अपने पार्टनर को प्रभावित न कर पाना
  • तलाक होने की संभावना बढ गई हो

इस शिविर मे १२५००० से लेकर ५५०००० तक जप हवन का अनुष्ठान होगा. इसमे भाग लेना किसी सौभाग्य से कम नही है. इसलिये एक बार अवश्य जरूर इस शिविर मे भाग लेकर अनुभव जरूर प्राप्त करे!

Katyayani (Kumbha Vivah) SADHANA BOOKING

Pickup point-(8am) Hotel Hardik place, opp mira road railway station east. Mira road.

Shivir Location- https://goo.gl/maps/AWUTZNAyjky

Fees 8000/- Including- Sadhana samagri (Siddha Katyayani Yantra, Katyayani mala, Siddha Vivah parad gutika, Katyayani asan, Siddha Chirmi beads, Gomati chakra, Tantrokta nariyal, siddha kaudi, Siddha Rakshasutra and more.) + Katyayani Diksha by Guruji+ Room Stay with Complementary Breakfast, Lunch, Dinner. (Husband-wife 12000/-) (Pay 1000/- booking and balance pay on shivir)

Call for booking-91 7710812329/ 91 9702222903

Tags: vajreshwari, katyayani, kumbha vivah, divyayoga ashram

 November 29, 2020 

शिवानंद दास जी के मार्गदर्शन मे

अक्षय पात्र लक्ष्मी साधना शिविर

Akshaya Patra Lakshmi-Ganesh Sadhna Shivir

(Sat+Sun) 19th -20th Dec. 2020 at Vajreshwari near mumbai.


माता लक्ष्मी के अनेको स्वरूप होते है और अक्षय पात्र लक्ष्मी मे माता के सभी स्वरूप समाहित रहते है. इसलिये अक्षय पात्र लक्ष्मी के उपासक को लक्ष्मी व भगवान गणेश की कृपा से अनेको स्रोतो से धन की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही धन से संबंधित सभी तरह के विवाद, कर्ज, दुकान -धंधे की रुकावट नष्ट होकर सुख-्समृद्धि की प्राप्ति होती है.

यह प्रयोग तांबे के कलश मे संपन्न करवाया जाता है. जो कि जीवन भर काम आता है. इसी अक्षय पात्र कलश पर १२५००० से लेकर ५५०००० तक जप हवन का अनुष्ठान होगा. इसमे भाग लेना किसी सौभाग्य से कम नही है. इसलिये एक बार अवश्य जरूर इस शिविर मे भाग लेकर अनुभव जरूर प्राप्त करे!

AKSHAY PATRA LAKSHMI SADHANA BOOKING

Pickup point-(8am) Hotel Hardik place, opp mira road railway station east. Mira road.

Shivir Location- https://goo.gl/maps/AWUTZNAyjky

Fees 8000/- Including- Sadhana samagri (Siddha Akshay patra lakshmi Yantra, Siddha Akshay patra lakshmi mala, Siddha Akshay patra lakshmi parad gutika, Akshay patra lakshmi asan, Siddha Chirmi beads, Gomati chakra, Tantrokta nariyal, siddha kaudi, Siddha Rakshasutra and more.) + Akshay patra lakshmi Diksha by Guruji+ Room Stay with Complementary Breakfast, Lunch, Dinner. (Husband-wife 12000/-) (Pay 1000/- booking and balance pay on shivir)

Call for booking-91 7710812329/ 91 9702222903

 February 16, 2020 

गणेश चालीसा पाठ

इस गणेश चालीसा का नियमित १ से ३ पाठ करने साधक के सभी विघ्न नष्ट होकर भौतिक सुख की प्राप्ति होती है

दोहा

जय गणपति सदगुणसदन, कविवर बदन कृपाल।

विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजालाल॥

चौपाई
जय जय जय गणपति गणराजू।
मंगल भरण करण शुभ काजू॥1॥

जय गजबदन सदन सुखदाता।
विश्व विनायक बुद्घि विधाता॥2॥

वक्र तुण्ड शुचि शुण्ड सुहावन।
तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन॥3॥

राजत मणि मुक्तन उर माला।
स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला॥4॥

पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं।
मोदक भोग सुगन्धित फूलं॥5॥

सुन्दर पीताम्बर तन साजित।
चरण पादुका मुनि मन राजित॥6॥

धनि शिवसुवन षडानन भ्राता।
गौरी ललन विश्व-विख्याता॥7॥

ऋद्घि-सिद्घि तव चंवर सुधारे।
मूषक वाहन सोहत द्घारे॥8॥

कहौ जन्म शुभ-कथा तुम्हारी।
अति शुचि पावन मंगलकारी॥9॥

एक समय गिरिराज कुमारी।
पुत्र हेतु तप कीन्हो भारी॥10॥

भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा।
तब पहुंच्यो तुम धरि द्घिज रुपा॥11॥

अतिथि जानि कै गौरि सुखारी।
बहुविधि सेवा करी तुम्हारी॥12॥

अति प्रसन्न है तुम वर दीन्हा।
मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा॥13॥

मिलहि पुत्र तुहि, बुद्धि विशाला।
बिना गर्भ धारण, यहि काला॥14॥

गणनायक, गुण ज्ञान निधाना।
पूजित प्रथम, रुप भगवाना॥15॥

अस कहि अन्तर्धान रुप है।
पलना पर बालक स्वरुप है॥16॥

बनि शिशु, रुदन जबहिं तुम ठाना।
लखि मुख सुख नहिं गौरि समाना॥17॥

सकल मगन, सुखमंगल गावहिं।
नभ ते सुरन, सुमन वर्षावहिं॥18॥

शम्भु, उमा, बहु दान लुटावहिं।
सुर मुनिजन, सुत देखन आवहिं॥19॥

लखि अति आनन्द मंगल साजा।
देखन भी आये शनि राजा॥20॥

निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं।
बालक, देखन चाहत नाहीं॥21॥

गिरिजा कछु मन भेद बढ़ायो।
उत्सव मोर, न शनि तुहि भायो॥22॥

कहन लगे शनि, मन सकुचाई।
का करिहौ, शिशु मोहि दिखाई॥23॥

नहिं विश्वास, उमा उर भयऊ।
शनि सों बालक देखन कहाऊ॥24॥

पडतहिं, शनि दृग कोण प्रकाशा।
बोलक सिर उड़ि गयो अकाशा॥25॥

गिरिजा गिरीं विकल हुए धरणी।
सो दुख दशा गयो नहीं वरणी॥26॥

हाहाकार मच्यो कैलाशा।
शनि कीन्हो लखि सुत को नाशा॥27॥

तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधायो।
काटि चक्र सो गज शिर लाये॥28॥

बालक के धड़ ऊपर धारयो।
प्राण, मंत्र पढ़ि शंकर डारयो॥29॥

नाम गणेश शम्भु तब कीन्हे।
प्रथम पूज्य बुद्घि निधि, वन दीन्हे॥30॥

बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा।
पृथ्वी कर प्रदक्षिणा लीन्हा॥31॥

चले षडानन, भरमि भुलाई।
रचे बैठ तुम बुद्घि उपाई॥32॥

धनि गणेश कहि शिव हिय हरषे।
नभ ते सुरन सुमन बहु बरसे॥33॥

चरण मातु-पितु के धर लीन्हें।
तिनके सात प्रदक्षिण कीन्हें॥34॥

तुम्हरी महिमा बुद्ध‍ि बड़ाई।
शेष सहसमुख सके न गाई॥35॥

मैं मतिहीन मलीन दुखारी।
करहुं कौन विधि विनय तुम्हारी॥36॥

भजत रामसुन्दर प्रभुदासा।
जग प्रयाग, ककरा, दुर्वासा॥37॥

अब प्रभु दया दीन पर कीजै।
अपनी भक्ति शक्ति कछु दीजै॥38॥

श्री गणेश यह चालीसा।
पाठ करै कर ध्यान॥39॥

नित नव मंगल गृह बसै।
लहे जगत सन्मान॥40॥

दोहा
सम्वत अपन सहस्त्र दश, ऋषि पंचमी दिनेश।

पूरण चालीसा भयो, मंगल मूर्ति गणेश॥

 February 16, 2020 

श्री गायत्री चालीसा

इस चालीसा का नियमित ३ पाठ करने वाला उपासक यहा सुख समृद्धि हमेशा बनी रहती है.

॥ दोहा ॥

ह्रीं श्रीं क्लीं मेधा प्रभा,जीवन ज्योति प्रचण्ड।

शान्ति कान्ति जागृत प्रगति,रचना शक्ति अखण्ड॥

जगत जननी मङ्गल करनि,गायत्री सुखधाम।

प्रणवों सावित्री स्वधा,स्वाहा पूरन काम॥

॥ चौपाई ॥

भूर्भुवः स्वः ॐ युत जननी।गायत्री नित कलिमल दहनी॥

अक्षर चौविस परम पुनीता।इनमें बसें शास्त्र श्रुति गीता॥

शाश्वत सतोगुणी सत रूपा।सत्य सनातन सुधा अनूपा॥

हंसारूढ सिताम्बर धारी।स्वर्ण कान्ति शुचि गगन-बिहारी॥

पुस्तक पुष्प कमण्डलु माला।शुभ्र वर्ण तनु नयन विशाला॥

ध्यान धरत पुलकित हित होई।सुख उपजत दुःख दुर्मति खोई॥

कामधेनु तुम सुर तरु छाया।निराकार की अद्भुत माया॥

तुम्हरी शरण गहै जो कोई।तरै सकल संकट सों सोई॥

सरस्वती लक्ष्मी तुम काली।दिपै तुम्हारी ज्योति निराली॥

तुम्हरी महिमा पार न पावैं।जो शारद शत मुख गुन गावैं॥

चार वेद की मात पुनीता।तुम ब्रह्माणी गौरी सीता॥

महामन्त्र जितने जग माहीं।कोउ गायत्री सम नाहीं॥

सुमिरत हिय में ज्ञान प्रकासै।आलस पाप अविद्या नासै॥

सृष्टि बीज जग जननि भवानी।कालरात्रि वरदा कल्याणी॥

ब्रह्मा विष्णु रुद्र सुर जेते।तुम सों पावें सुरता तेते॥

तुम भक्तन की भक्त तुम्हारे।जननिहिं पुत्र प्राण ते प्यारे॥

महिमा अपरम्पार तुम्हारी।जय जय जय त्रिपदा भयहारी॥

पूरित सकल ज्ञान विज्ञाना।तुम सम अधिक न जगमे आना॥

तुमहिं जानि कछु रहै न शेषा।तुमहिं पाय कछु रहै न कलेशा॥

जानत तुमहिं तुमहिं व्है जाई।पारस परसि कुधातु सुहाई॥

तुम्हरी शक्ति दिपै सब ठाई।माता तुम सब ठौर समाई॥

ग्रह नक्षत्र ब्रह्माण्ड घनेरे।सब गतिवान तुम्हारे प्रेरे॥

सकल सृष्टि की प्राण विधाता।पालक पोषक नाशक त्राता॥

मातेश्वरी दया व्रत धारी।तुम सन तरे पातकी भारी॥

जापर कृपा तुम्हारी होई।तापर कृपा करें सब कोई॥

मन्द बुद्धि ते बुधि बल पावें।रोगी रोग रहित हो जावें॥

दरिद्र मिटै कटै सब पीरा।नाशै दुःख हरै भव भीरा॥

गृह क्लेश चित चिन्ता भारी।नासै गायत्री भय हारी॥

सन्तति हीन सुसन्तति पावें।सुख संपति युत मोद मनावें॥

भूत पिशाच सबै भय खावें।यम के दूत निकट नहिं आवें॥

जो सधवा सुमिरें चित लाई।अछत सुहाग सदा सुखदाई॥

घर वर सुख प्रद लहैं कुमारी।विधवा रहें सत्य व्रत धारी॥

जयति जयति जगदम्ब भवानी।तुम सम ओर दयालु न दानी॥

जो सतगुरु सो दीक्षा पावे।सो साधन को सफल बनावे॥

सुमिरन करे सुरूचि बडभागी।लहै मनोरथ गृही विरागी॥

अष्ट सिद्धि नवनिधि की दाता।सब समर्थ गायत्री माता॥

ऋषि मुनि यती तपस्वी योगी।आरत अर्थी चिन्तित भोगी॥

जो जो शरण तुम्हारी आवें।सो सो मन वांछित फल पावें॥

बल बुधि विद्या शील स्वभाउ।धन वैभव यश तेज उछाउ॥

सकल बढें उपजें सुख नाना।जे यह पाठ करै धरि ध्याना॥

॥ दोहा ॥

यह चालीसा भक्ति युत,पाठ करै जो कोई।

तापर कृपा प्रसन्नता,गायत्री की होय॥