शिवानंद दास जी के मार्ग दर्शन मे

2 DAYS KUNDALINI DHYAN SHIVIR

AT CHANDIGAD

PARASHURAM BHAVAN, SECTOR-37. CHANDIGAD. PUNJAB.

Learn practical kundalini Dhyan by "Acharya Shivanand Das ji"


जीवन मे जिसने भी अपने चक्रो को समझ लिया तो समझो सफलता की कुंजी उसके हाथ मे आ गई. इस शिविर मे इन चक्रो कोे चैतन्य करने की विधि पैक्टिकल रूप मे दीक्षा के साथ सिखाई जाती है. इस शिविर के द्वारा जहा आप अपनी आर्थिक समस्या तथा मानसिक समस्या मे लाभ प्राप्त कर सकते है, वही अध्यात्मिक क्षेत्र मे भी सफलता प्राप्त कर सकते है.

आचार्य श्री शिवानंद दास जी , जो कि पिछले ४० वर्षो से पूरे भारत मे अध्यात्मिक विषय पर यानी ध्यान- प्राणायाम-्कूंडलिनी- अस्ट्रोलोजी- पामेस्ट्री- न्युम्रोलोजी- प्राण विज्ञान- औरा रीडिंग- एस्ट्रल ट्रेवल्स- पैरा नोर्मल- हिप्नोटिझम तथा मंत्र साधना पर शिक्षा प्रदान कर रहे है.
इस शिविर मे भाग लेकर अपने जीवन को एक नई दिशा दीजिये!
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Sarva phal tyag chaturdashi vrat katha paath

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भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है...
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सर्व फल त्याग चतुर्थी

भारत में धार्मिक व्रतों का सर्वव्यापी प्रचार रहा है। यह हिन्दू धर्म ग्रंथों में उल्लिखित हिन्दू धर्म का एक व्रत संस्कार है। मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की तृतीया, अष्टमी, द्वादशी या चतुर्दशी पर या अन्य मासों की इन्हीं तिथियों पर सर्वफलत्याग व्रत किया जाता है।ब्राह्मणों को पायस भोज कराना चाहिए। एक वर्ष तक 18 धान्यों में कोई एक धान्य, सभी फलों एवं कन्दों का त्याग, किन्तु ओषधि के रूप में इनका ग्रहण हो सकता है। रुद्र, उनके बैल एवं धर्मराज (यम) की स्वर्ण प्रतिमाओं का निर्माण करना चाहिए।स्वर्ण, रजत एवं ताम्र के 16 चित्र, प्रत्येक दल में बड़े-बड़े फल (यथा-बेल आदि), छोटे-छोटे फल (उदुम्बर, नारियल), कन्द (सुवर्णकन्द आदि) दान देना चाहिए। अन्नराशि पर दो जलपूर्ण कलश; एक पलंग; ये सभी पदार्थ एक गाय के साथ किसी गृहस्थ ब्राह्मण को दे दिये जाते हैं।'मुझे अक्षय फल प्राप्त हों' का कथन करना चाहिए।

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Katha-Path Days1 day Sarva phal tyag chaturdashi vrat katha paath
Tithi MuhurthKrishna Paksha Chaturdashi, Shukl Paksha Chaturdashi
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