शिवानंद दास जी के मार्ग दर्शन मे

2 DAYS KUNDALINI DHYAN SHIVIR

AT CHANDIGAD

PARASHURAM BHAVAN, SECTOR-37. CHANDIGAD. PUNJAB.

Learn practical kundalini Dhyan by "Acharya Shivanand Das ji"


जीवन मे जिसने भी अपने चक्रो को समझ लिया तो समझो सफलता की कुंजी उसके हाथ मे आ गई. इस शिविर मे इन चक्रो कोे चैतन्य करने की विधि पैक्टिकल रूप मे दीक्षा के साथ सिखाई जाती है. इस शिविर के द्वारा जहा आप अपनी आर्थिक समस्या तथा मानसिक समस्या मे लाभ प्राप्त कर सकते है, वही अध्यात्मिक क्षेत्र मे भी सफलता प्राप्त कर सकते है.

आचार्य श्री शिवानंद दास जी , जो कि पिछले ४० वर्षो से पूरे भारत मे अध्यात्मिक विषय पर यानी ध्यान- प्राणायाम-्कूंडलिनी- अस्ट्रोलोजी- पामेस्ट्री- न्युम्रोलोजी- प्राण विज्ञान- औरा रीडिंग- एस्ट्रल ट्रेवल्स- पैरा नोर्मल- हिप्नोटिझम तथा मंत्र साधना पर शिक्षा प्रदान कर रहे है.
इस शिविर मे भाग लेकर अपने जीवन को एक नई दिशा दीजिये!
FREE ENTRY! FREE ENTRY! FREE ENTRY!
CALL- 91 8652439844 for booking

Mon.-Sun. 11:00 – 21:00
mantravidya@yahoo.com
91 8652439844

Ashadh purnima/ Guru purnima pujan

Buy Ashadh purnima/ Guru purnima pujan

आषाढ मास की पूर्णिमा को गुरू पूर्णिमा या व्यास पुर्णिमा कहते है। प्राचीन काल में विद्यार्थी गुरूकुलो में शिक्षा प्राप्त करने जाते...
In stock (11 items)

$133

आषाढ पुर्णिमा पूजन

गुरू पूर्णिमा या व्यास पुर्णिमा

आषाढ मास की पूर्णिमा को गुरू पूर्णिमा या व्यास पुर्णिमा कहते है। प्राचीन काल में विद्यार्थी गुरूकुलो में शिक्षा प्राप्त करने जाते थे। छात्र इस दिन श्रद्धा भाव से प्रेरित अपने गुरू का पूजन करते है। अपनी शक्ति के अनुसार दक्षिणा देकर गुरूजी का प्रसन्न करते है। इस दिन पूजा से निवृत होकर अपने गुरू के पास जाकर वस्त्र,फल,व माला अर्पण करके उन्हे प्रसन्न करना चाहीए। गुरू का आशीर्वाद ही कल्याणकारी और ज्ञानवर्धक होता है। चारो वेदो के व्याख्याता व्यास ऋषि थे हमे वेदो का ज्ञान देने वाले व्यास जी है। इसलिए वे हमारे आदि गुरू हुए उनकी स्मृति को ताजा रखने के लिए हमे अपने अपने गुरूओ को व्यास जी का ही अंश मानकर उनकी पुजा करनी चाहीए।

दिव्ययोगशॉप के विशिष्ठ पंडित विधि-विधान से आषाढ पुर्णिमा पूजन संपन्न करते है। इसमे पृथम गणेश पूजन के साथ अपने शिक्षक की पूजा संपन्न की जाती है। तत्पश्चात आषाढ पुर्णिमा पूजन के बाद हवन संपन्न किया जाता है। इस पूजा से गुरु के प्रती आदर निर्माण होता है। शिक्षा का लाभ होता है।

आषाढ पुर्णिमा पूजन सामग्रीः

चन्द्र स्त्रोत बुक

आषाढ पुर्णिमा गुटिका

पर (मोती) माला

३ गोमती चक्र

सिद्ध विष्णु फोटो

चन्द्र माला

तांत्रोक्त चन्द्र नारियल

आषाढ पुर्णिमा पूजन की संपूर्ण विधि

See puja/sadhana rules and regulation

See- about Diksha

See- success rules of sadhana

See- Mantra jaap rules

See- Protect yourself during sadhana/puja

Loading