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Papankusha ekadashi pujan

कभी कभी एकादशी पुजन लगातार दो दिनों के लिए हो जाता है। जब एकादशी पुजन दो दिन होता है तब स्मार्त...

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पापांकुशा एकादशी पूजन

Papmochani Ekadashi pujan/vrat date: Monday 16th march 2015

कभी कभी एकादशी पुजन लगातार दो दिनों के लिए हो जाता है। जब एकादशी पुजन दो दिन होता है तब सभी परिवारजनों को पहले दिन एकादशी पुजन करना चाहिए। दुसरे दिन वाली एकादशी को दूजी एकादशी कहते हैं।सन्यासियों, विधवाओं और मोक्ष प्राप्ति के इच्छुक श्रद्धालुओं को दूजी एकादशी के दिन व्रत करना चाहिए। जब-जब एकादशी पुजन दो दिन होता है तब-तब दूजी एकादशी और वैष्णव एकादशी एक ही दिन होती हैं।
भगवान श्री विष्णु का प्यार और स्नेह तथा सभी मनोकामनायो की पुर्ति के लिये के लिये भक्तों को दोनों दिन एकादशी पुजन करने की सलाह दी जाती है।

दिव्ययोगशॉप के विशिष्ठ पंडित विधि-विधान से पापांकुशा एकादशी पूजन संपन्न करते है। इसमे पृथम गणेश पूजन के साथ गौरी, शिव,कार्तिकेय के साथ भगवान विष्णू की पूजा संपन्न की जाती है। तत्पश्चात पापांकुशा एकादशी पूजन के बाद हवन संपन्न किया जाता है। इस पूजा से शांती, सम्रद्धि मिलती है। सफलता मिलती है। दिव्य फल प्राप्त होता है।

पापांकुशा एकादशी पूजन सामग्रीः

पापांकुशा आरती बुक

पापांकुशा गुटिका

३ गोमती चक्र

सिद्ध पापांकुशा फोटो

पापांकुशा माला

तांत्रोक्त पापांकुशा नारियल

पापांकुशा एकादशी पूजन की संपूर्ण विधि

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