शिवानंद दास जी के मार्ग दर्शन मे

2 DAYS KUNDALINI DHYAN SHIVIR

Gandhi Nagar (Gujrat)

Learn practical kundalini Dhyan by "Acharya Shivanand Das ji"


जीवन मे जिसने भी अपने चक्रो को समझ लिया तो समझो सफलता की कुंजी उसके हाथ मे आ गई.

इस शिविर मे इन चक्रो कोे चैतन्य करने की विधि पैक्टिकल रूप मे दीक्षा के साथ सिखाई

जाती है. इस शिविर के द्वारा जहा आप अपनी आर्थिक समस्या तथा मानसिक समस्या मे लाभ

प्राप्त कर सकते है, वही अध्यात्मिक क्षेत्र मे भी सफलता प्राप्त कर सकते है.


आचार्य श्री शिवानंद दास जी , जो कि पिछले ४० वर्षो से पूरे भारत मे अध्यात्मिक

विषय पर यानी ध्यान- प्राणायाम-्कूंडलिनी- अस्ट्रोलोजी- पामेस्ट्री- न्युम्रोलोजी-

प्राण विज्ञान- औरा रीडिंग- एस्ट्रल ट्रेवल्स- पैरा नोर्मल- हिप्नोटिझम तथा मंत्र

साधना पर शिक्षा प्रदान कर रहे है.


GANDHINAGAR (GUJRAT)

2 days Kundalini Shaktipat Shivir

Sat-Sun. 17th - 18th feb. 2018

RADIANTS SCHOOL OF SCIENCE. Plot-131/A, GUDA T.P. NO-9. NR KH-O, B/H, PRAMUKH NAGAR, GANDHINAGAR

Free Entry

Call: Dr M B Prajapati 8320834720 for registration.

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इस शिविर मे भाग लेकर अपने जीवन को एक नई दिशा दीजिये!

FREE ENTRY! FREE ENTRY! FREE ENTRY!

DIVYA YOG ASHRAM CALL- 91 8652439844 for details

Mon.-Sun. 11:00 – 21:00
mantravidya@yahoo.com
91 8652439844

Var vinayaki chaturthi pujan

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हिन्दू पंचांग के हर माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर प्रथम पूज्य देवता श्री गणेश की आराधना को समर्पित विनायकी चतुर्थी...
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वर विनायकी चतुर्थी पूजन

हिन्दू पंचांग के हर माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर प्रथम पूज्य देवता श्री गणेश की आराधना को समर्पित विनायकी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। यह चतुर्थी व्रत वरद विनायकी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है।
इस व्रत के नाम से ही इस व्रत का फल भी स्पष्ट हो जाता है। वरद का अर्थ होता है - वर देने वाला यानि मनोरथ पूरे करने वाला और विनायक भगवान श्री गणेश का ही नाम है। जिसका शाब्दिक अर्थ होता है विघ्र हरने वाले नायक, जो गणपति कहलाते हैं। इस प्रकार विनायकी चतुर्थी का व्रत करने से हर व्यक्ति की कामनाएं पूरी होती है और विघ्र-बाधाएं दूर होती है।

दिव्ययोगशॉप के विशिष्ठ पंडित विधि-विधान से विनायकी चतुर्थी पूजन संपन्न करते है। इसमे पृथम गणेश पूजन के साथ गौरी, शिव तथा कार्तिकेय की पूजा संपन्न की जाती है तत्पश्चात विनायकी चतुर्थी पूजन के बाद हवन संपन्न किया जाता है। इस पूजा से ग्रहस्थ जीवन मे सफलता, नौकरी व्यवसाय मे सफलता मिलती है।

वर विनायकी चतुर्थी पूजन सामग्रीः

गणेश आरती बुक

गणेश गुटिका

३ गोमती चक्र

सिद्ध गणेश फोटो

गणेश माला

तांत्रोक्त गणेश नारियल

विनायकी चतुर्थी पूजन की संपूर्ण विधि

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