What to do on Guru pushya nakshatra

March 6, 2017

गुरुपुष्यामृत योग

आज हम जानेगे गुरु पुष्य नक्षत्र के बारे जिसे हम गुरुपुष्यामृत योग भी कहते है. साधारण रूप से इसे समझे तो जिस दिन गुरुवार या ब्रहस्पतिवार के दिन पुष्य नक्षत्र हो उस दिन को गुरु पुष्य नक्षत्र योग कह सकते है. अब जानते है कि इसके लाभ क्या क्या हो सकते है...

  • कोई भी ब्यक्ति इस शुभ महूर्त का लाभ प्राप्त कर सकता है। और अशुभ या बुरी अवस्था से बच सकता है.
  • अपने जीवन में दिन-प्रतिदिन सफलता की प्राप्ति के लिए इसदिन से बढकर कोई दिन नही माना जाता.
  • इस दिन यानी गुरु पुष्य नक्षत्र मे नौकरी या इंटर्व्यू के लिये अप्लाई कर सकते है.
  • नये ब्यापार की आधार शिला रखकर सफलता प्राप्त की जा सकती है.
  • सफलता पाने के लिये कोई भी बंद पडा हुआ काम की शुरुवात कर सकते है.
  • कोई भी महत्वपूर्ण काम की शुरुवात कर सकते है
  • इस दिन नई गाडी ले सकते है.
  • इस दिन घर के लिये एडवांस बुकिंग कर सकते है.
  • इस दिन अपने नये घर मे प्रवेश कर सकते है.
  • जो साधना क्षेत्र मे है उन्के इस दिन दिक्षा या लक्ष्मी से संबंधित साधना अवश्य करनी चाहिये.
  • इस दिन कोई भी अध्यात्मिक वस्तु यंत्र, माला ई. अवश्य खरीदनी चाहिये.
  • इस कोई पूजा या अनुष्ठान अवश्य करना या करवाना चाहिये.
  • इस दिन गरीबो को अन्नदान अवश्य करना चाहिये.
  • इस दिन सोने चॉदी की खरीदारी भी शुभ मानी गयी है.

इसके अलावा....

Know abou Guru pushya nakshatra yog

  • इस दिन पति-पत्नि साथ मे किसी भी मंदिर मे जाकर भगवान के दर्शन अवश्य करना चाहिये , जिससे उनकी सभी मनोकामना पूर्ण हो.
  • मन-पसंद वर की प्राप्ती के लिये कुवारी कन्याये इस दिन ३२४ बार या ३ माला "ॐ कात्याने मम् कार्य कुरु कुरु नमः" का जाप कर किसी भी देवी मंदिर मे जाकर माता का दर्शन करना चाहिये.
  • कर्ज से छुटकारा पाने के लियेः- इस दिन लक्ष्मी की मुर्ति या फोटो के सामने "ॐ क्लीं पातु श्रीं रक्षा कुरु कुरु श्रीं नमः" का १० माला यानी १०८० मन्त्र का जाप करे. इससे आपको ऐसा लगेगा कि आप पर माता की कृपा हो रही है.
  • सुख-समृद्धी के लियेः- इस दिन तुलसी का पत्ता हाथ मे लेकर १० माला यानी १०८० बार "ॐ रीं महालक्ष्मेय नमः" का जापकर उस तुलसी को माता लक्ष्मी को चढाये. इससे आपके परिवार मे सुख-समृद्धी बनी रहती है.
  • पढाई मे सफलता पाने के लियेः- इस दिन "ॐ ऐं सरस्वतेय नमः" का ५४० मन्त्र या ५ माला जापकर सब विषयो को थोडा थोडा अवश्य पडना चाहिये.