Third eye tratak

March 6, 2017

आज्ञा चक्र त्राटक

यह चक्र दोनो ऑखो के बीच यानी भ्रू मध्य मे स्थित होता है। इस चक्र मे कोई तत्व नही होता. इसका कलर गोल्डन माना यानी सुनहरा रंग माना जाता है...इस चक्र को चैतन्य करने के लिए इसका मूल मंत्र ” ॐ ” का उच्चारण करना चाहिए। यह चक्र आपको अपने मंजिल पर पहुचाने के लिये मदत करता है. आपके विचार पॉजीटिव होने लगते है. अपनी गल्तियो का अहसास होता है तथा उसे सुधारने का प्रयत्न शुरु कर देते है. यह चक्र आपको शारीरिक, मानसिक व अध्यात्मिक रूप से आपको मजबूत बनाता है. ध्यान मे मन लगना शुरु हो जाता है. अगर आप साधना के क्षेत्र मे है तो सफलता का प्रतिशत बढ जाता है. मेरा अपना अनुभव यह है कि अगर आप बिना स्वार्थ किसी के बारे मे अच्छा सोचे तो उसे लाभ मिलता है. यानी डिस्टेंस हीलिंग की क्षमता बढ जाती है. यह चक्र आपको ध्यान की अथाह गहराई मे जाने के लिये मदत करता है. आज्ञा चक्र मन और बुद्धि के मिलन स्थान माना जाता है.

अब जानते आज्ञा चक्र पर त्राटक कैसे करे

एक शांत कमरे का चुनाव करे कमरे मे रोशनी थोडी कम रखे.. अब अपने ठीक सामने आज्ञा चक्र का चित्र दिवार पर लगाकर जमीन पर या कुर्सी पर बैठ जाय. .. और मन्त्र का उच्चारण १ मिनट तक करे.. अब एकटक उस चक्र को देखते रहे... देखते ही देखते आज्ञा चक्र मे सुनहरे रंग की रोशनी दिखाई देने लगेगी.. पहले दिन यह अभ्यास ५ मिनट तक ही करे.... अब दुसरे दिन अभ्यास पुनः शुरु करे.. और मन्त्र का उच्चारण १ मिनट तक करे.. और आज्ञा चक्र पर त्राटक यानी एकटक देखते रहे.... इस तरह से रोज ५ मिनट और २१ दिन तक अभ्यास नियमित करे... इस अभ्यास से आपका आज्ञा चक्र या भ्रू मध्य चक्र चैतन्य होने लगता है.. आज्ञा चक्र का संबंध सुनहरे रंग से है... इसलिये जो कुछ भी महसूस होगा वह अधिकतर सुनहरे रंग का ही होगा. यह चक्र आपके अंदर के तमाम कमियो को दूर करने लगता है... इस त्राटक से स्मरण शक्ति, आत्मविश्वास, मनोबल, इच्छाशक्ति की बढोतरी होनी शुरु हो जाती है. इसलिये इस आज्ञा चक्र का नियमित अभ्यास करे और अपने कार्यक्षेत्र मे सफलता पाये... आशा है कि आप इस नियम का पालन व अभ्यास करके अपने आपको स्वस्थ व निरोगी बनायेंगे तथा लोगो की मदत भी करेंगे.

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